अधूरी पूरी बातें मेरी अनकही
₹349.00
“अधूरी, पूरी बातें” केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि उन अनकहे एहसासों की आवाज़ है जो अक्सर दिल में ही रह जाते हैं—कभी अधूरे, तो कभी पूरे होकर भी अनसुने।“अधूरी, पूरी बातें” केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि उन अनकहे एहसासों की आवाज़ है जो अक्सर दिल में ही रह जाते हैं—कभी अधूरे, तो कभी पूरे होकर भी अनसुने।
इस संग्रह की कविताएँ जीवन के छोटे-बड़े अनुभवों, रिश्तों की गहराई और गर्माहट, स्त्री के भीतर चल रहे अनकहे संघर्ष और उसकी शक्ति, प्रकृति की सुकून भरी छाँव, देशप्रेम की भावना और आत्मा के शांत संवाद को सहज और संवेदनशील शब्दों में पिरोती हैं।
इनमें कहीं अपनापन है, कहीं हल्की सी टीस, तो कहीं खुद को समझने और स्वीकार करने की एक सच्ची कोशिश।
हर कविता एक आईना है—कभी आपके दिल का, कभी मेरे एहसासों का… और कहीं हम सबकी अधूरी और पूरी कहानियों का।
यह किताब सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, महसूस करने के लिए है—क्योंकि जो बातें अधूरी रह जाती हैं, वही अक्सर हमें भीतर से पूरा कर जाती हैं।
अधूरी पूरी बातें मेरी अनकही
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“अधूरी, पूरी बातें” केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि उन अनकहे एहसासों की आवाज़ है जो अक्सर दिल में ही रह जाते हैं—कभी अधूरे, तो कभी पूरे होकर भी अनसुने।“अधूरी, पूरी बातें” केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि उन अनकहे एहसासों की आवाज़ है जो अक्सर दिल में ही रह जाते हैं—कभी अधूरे, तो कभी पूरे होकर भी अनसुने।
इस संग्रह की कविताएँ जीवन के छोटे-बड़े अनुभवों, रिश्तों की गहराई और गर्माहट, स्त्री के भीतर चल रहे अनकहे संघर्ष और उसकी शक्ति, प्रकृति की सुकून भरी छाँव, देशप्रेम की भावना और आत्मा के शांत संवाद को सहज और संवेदनशील शब्दों में पिरोती हैं।
इनमें कहीं अपनापन है, कहीं हल्की सी टीस, तो कहीं खुद को समझने और स्वीकार करने की एक सच्ची कोशिश।
हर कविता एक आईना है—कभी आपके दिल का, कभी मेरे एहसासों का… और कहीं हम सबकी अधूरी और पूरी कहानियों का।
यह किताब सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, महसूस करने के लिए है—क्योंकि जो बातें अधूरी रह जाती हैं, वही अक्सर हमें भीतर से पूरा कर जाती हैं।

