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सुकून

₹349.00
यह किताब सुकून कीर्ति वर्मा ने संकलन की है, इसमें 28 लेखकों ने भाग लिया हैं, लेखकों ने अपनी कविताओं के माध्यम से अपने विचारों को दर्शाया है.. सुकून से सिर्फ एक शब्द ही नहीं बल्कि एक भावना हैं हर व्यक्ति अपने जीवन में सुकून चाहता हैं और हर किसी के लिए सुकून शब्द का मतलब अलग हैं, उम्मीद हैं कि आपको ये किताब प्रेरित करेगी अपने सुकून को ढ़ढने में और साथ ही आपको ये पंसद आएगी !
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सुकून

₹349.00
यह किताब सुकून कीर्ति वर्मा ने संकलन की है, इसमें 28 लेखकों ने भाग लिया हैं, लेखकों ने अपनी कविताओं के माध्यम से अपने विचारों को दर्शाया है.. सुकून से सिर्फ एक शब्द ही नहीं बल्कि एक भावना हैं हर व्यक्ति अपने जीवन में सुकून चाहता हैं और हर किसी के लिए सुकून शब्द का मतलब अलग हैं, उम्मीद हैं कि आपको ये किताब प्रेरित करेगी अपने सुकून को ढ़ढने में और साथ ही आपको ये पंसद आएगी !
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हर कदम पर रौशनी

₹299.00

यह किताब ग्यारह हिस्सों में बँटी है। हर हिस्सा एक कदम

है — एक लंबे सफ़र का।

यह अंधेरे से शुरू होती है, क्योंकि हर सच्ची कहानी वहीं से

शुरू होती है जहाँ सबसे ज़्यादा रोशनी की ज़रूरत होती है।

फिर यह उन हाथों तक पहुँचती है जिन्होंने हमें सँभाला —

माँ, पापा। फिर मुस्कुराने की हिम्मत, अपने भीतर की आवाज़

सुनना, खुद से मिलना, दोस्ती का भरोसा, बिना शर्त प्यार,

वक़्त से सीखना, खुद को भूल जाने का सुकून, नई सुबह की

उम्मीद — और आख़िर में, शुक्रिया।

यह कोई तय किया हुआ क्रम नहीं है। यह वही क्रम है जो

ज़िंदगी खुद चलती है। इसलिए इस किताब को एक कहानी

की तरह पढ़ना, बस कविताओं का ढेर समझकर नहीं।

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हर कदम पर रौशनी

₹299.00

यह किताब ग्यारह हिस्सों में बँटी है। हर हिस्सा एक कदम

है — एक लंबे सफ़र का।

यह अंधेरे से शुरू होती है, क्योंकि हर सच्ची कहानी वहीं से

शुरू होती है जहाँ सबसे ज़्यादा रोशनी की ज़रूरत होती है।

फिर यह उन हाथों तक पहुँचती है जिन्होंने हमें सँभाला —

माँ, पापा। फिर मुस्कुराने की हिम्मत, अपने भीतर की आवाज़

सुनना, खुद से मिलना, दोस्ती का भरोसा, बिना शर्त प्यार,

वक़्त से सीखना, खुद को भूल जाने का सुकून, नई सुबह की

उम्मीद — और आख़िर में, शुक्रिया।

यह कोई तय किया हुआ क्रम नहीं है। यह वही क्रम है जो

ज़िंदगी खुद चलती है। इसलिए इस किताब को एक कहानी

की तरह पढ़ना, बस कविताओं का ढेर समझकर नहीं।

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हिंदी दिवस

₹349.00
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