नवरात्रि: शक्ति के नौ रंग : नौ रूप, एक शक्ति, असंख्य भाव
₹399.00
नवरात्रि केवल भक्ति और उत्सव का त्योहार नहीं है; यह माँ दुर्गा—जो शक्ति का शाश्वत स्वरूप हैं—के नौ दिव्य रूपों की एक पवित्र यात्रा है। उनके ये नौ रूप एक विशिष्ट गुण, एक सशक्त भावना और एक ऐसा शाश्वत संदेश दर्शाते हैं, जो मानवता को साहस, करुणा, विवेक, आस्था और आंतरिक परिवर्तन की ओर प्रेरित करता है।
“नवरात्रि: शक्ति के नौ रंग” उस दिव्य स्त्री-शक्ति को एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि है, जो लाखों हृदयों को प्रेरित करती है। माँ दुर्गा के नौ रूपों के आध्यात्मिक महत्व के माध्यम से, यह पुस्तक भक्ति के गहरे अर्थ, आस्था की शक्ति, त्याग की सुंदरता और विपरीत परिस्थितियों में अडिग रहने की क्षमता की पड़ताल करती है।
शक्ति के ये नौ रंग जीवन और आध्यात्मिकता के अनेक आयामों को दर्शाते हैं। ये हमें याद दिलाते हैं कि शक्ति सौम्य भी हो सकती है, साहस मौन से भी उपज सकता है, भक्ति अशांत हृदय को शांति प्रदान कर सकती है, और आस्था घने अंधकार भरे रास्तों को भी प्रकाशित कर सकती है। देवी का प्रत्येक रूप एक ऐसा संदेश देता है जो समय, संस्कृति और पीढ़ियों की सीमाओं से परे है।
यह संकलन भारतीय परंपराओं की समृद्धि, सनातन संस्कृति के शाश्वत ज्ञान और स्त्री-शक्ति की असीम क्षमता का उत्सव मनाता है। यह हमें यह भी याद दिलाता है कि 'शक्ति' केवल मंदिरों या त्योहारों तक सीमित नहीं है; उसका सार हर उस व्यक्ति के भीतर विद्यमान है जो घृणा के स्थान पर दया, भय के स्थान पर साहस और अंधकार के स्थान पर सत्य को चुनता है।
नवरात्रि के आध्यात्मिक सार के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान के साथ तैयार की गई यह पुस्तक, माँ दुर्गा को समर्पित विविध विचारों, भावनाओं और अभिव्यक्तियों को एक साथ लाती है। यह पाठकों को केवल कर्मकांडों से परे देखने और दिव्य देवी तथा स्वयं के भीतर निहित शक्ति के बीच के गहरे संबंध को खोजने के लिए आमंत्रित करती है।
यह पुस्तक माँ दुर्गा के पवित्र चरणों में एक छोटी सी भेंट बने, जो भक्ति का प्रकाश और सशक्तिकरण का संदेश फैलाए। साथ ही, यह हमें सदैव यह याद दिलाती रहे कि दिव्य स्त्री-शक्ति ही सृजन, संरक्षण और परिवर्तन का मूल आधार है।
नौ रूप। नौ रंग। एक शाश्वत शक्ति। अनगिनत भावनाएँ।
जय माता दी!
संकलनकर्ता:
डॉ. दिव्या कुमारी (एच.सी.)
डॉ. ईशा गर्ग
नवरात्रि: शक्ति के नौ रंग : नौ रूप, एक शक्ति, असंख्य भाव
₹399.00
नवरात्रि केवल भक्ति और उत्सव का त्योहार नहीं है; यह माँ दुर्गा—जो शक्ति का शाश्वत स्वरूप हैं—के नौ दिव्य रूपों की एक पवित्र यात्रा है। उनके ये नौ रूप एक विशिष्ट गुण, एक सशक्त भावना और एक ऐसा शाश्वत संदेश दर्शाते हैं, जो मानवता को साहस, करुणा, विवेक, आस्था और आंतरिक परिवर्तन की ओर प्रेरित करता है।
“नवरात्रि: शक्ति के नौ रंग” उस दिव्य स्त्री-शक्ति को एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि है, जो लाखों हृदयों को प्रेरित करती है। माँ दुर्गा के नौ रूपों के आध्यात्मिक महत्व के माध्यम से, यह पुस्तक भक्ति के गहरे अर्थ, आस्था की शक्ति, त्याग की सुंदरता और विपरीत परिस्थितियों में अडिग रहने की क्षमता की पड़ताल करती है।
शक्ति के ये नौ रंग जीवन और आध्यात्मिकता के अनेक आयामों को दर्शाते हैं। ये हमें याद दिलाते हैं कि शक्ति सौम्य भी हो सकती है, साहस मौन से भी उपज सकता है, भक्ति अशांत हृदय को शांति प्रदान कर सकती है, और आस्था घने अंधकार भरे रास्तों को भी प्रकाशित कर सकती है। देवी का प्रत्येक रूप एक ऐसा संदेश देता है जो समय, संस्कृति और पीढ़ियों की सीमाओं से परे है।
यह संकलन भारतीय परंपराओं की समृद्धि, सनातन संस्कृति के शाश्वत ज्ञान और स्त्री-शक्ति की असीम क्षमता का उत्सव मनाता है। यह हमें यह भी याद दिलाता है कि 'शक्ति' केवल मंदिरों या त्योहारों तक सीमित नहीं है; उसका सार हर उस व्यक्ति के भीतर विद्यमान है जो घृणा के स्थान पर दया, भय के स्थान पर साहस और अंधकार के स्थान पर सत्य को चुनता है।
नवरात्रि के आध्यात्मिक सार के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान के साथ तैयार की गई यह पुस्तक, माँ दुर्गा को समर्पित विविध विचारों, भावनाओं और अभिव्यक्तियों को एक साथ लाती है। यह पाठकों को केवल कर्मकांडों से परे देखने और दिव्य देवी तथा स्वयं के भीतर निहित शक्ति के बीच के गहरे संबंध को खोजने के लिए आमंत्रित करती है।
यह पुस्तक माँ दुर्गा के पवित्र चरणों में एक छोटी सी भेंट बने, जो भक्ति का प्रकाश और सशक्तिकरण का संदेश फैलाए। साथ ही, यह हमें सदैव यह याद दिलाती रहे कि दिव्य स्त्री-शक्ति ही सृजन, संरक्षण और परिवर्तन का मूल आधार है।
नौ रूप। नौ रंग। एक शाश्वत शक्ति। अनगिनत भावनाएँ।
जय माता दी!
संकलनकर्ता:
डॉ. दिव्या कुमारी (एच.सी.)
डॉ. ईशा गर्ग
नववर्ष
₹349.00
मैं हिंदी साहित्य मंच की संस्थापिका कवयित्री नैन्सी गुप्ता
सभी देशवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।आप सभी के लिए मैं और मेरे सहलेखक जेईसी के साथ मिलकर लायें हैं नववर्ष साझा संकलन।
इस पुस्तक में नववर्ष से सम्बधित रचनाओं का समावेश है।
जय हिन्द जय भारत।
धन्यवाद
इस पुस्तक का उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति,भाषा या व्यक्ति विशेष की भावना को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं है।
नववर्ष
₹349.00
मैं हिंदी साहित्य मंच की संस्थापिका कवयित्री नैन्सी गुप्ता
सभी देशवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।आप सभी के लिए मैं और मेरे सहलेखक जेईसी के साथ मिलकर लायें हैं नववर्ष साझा संकलन।
इस पुस्तक में नववर्ष से सम्बधित रचनाओं का समावेश है।
जय हिन्द जय भारत।
धन्यवाद
इस पुस्तक का उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति,भाषा या व्यक्ति विशेष की भावना को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं है।
