शब्दों की अनकही दुनिया
₹349.00
यह किताब उन शब्दों की दुनिया है, जो होंठों तक आते-आते खार्मोश हो गए।
यहाँ भावनाएँ शोर नहीं करतीं, बस चुपचाप दिल में उतर जाती हैं।
हर कविता एक एहसास है-कभी बचपन, कभी परिवार, कभी समाज ।
"शब्दों की अनकही दुनिया"
उन जज़्बातों की आवाज़ है, जो कहे नहीं गए।
शब्दों की अनकही दुनिया
₹349.00
यह किताब उन शब्दों की दुनिया है, जो होंठों तक आते-आते खार्मोश हो गए।
यहाँ भावनाएँ शोर नहीं करतीं, बस चुपचाप दिल में उतर जाती हैं।
हर कविता एक एहसास है-कभी बचपन, कभी परिवार, कभी समाज ।
"शब्दों की अनकही दुनिया"
उन जज़्बातों की आवाज़ है, जो कहे नहीं गए।




