गुलमोहर
गुलमोहर
जड़ से जुड़ाव : नई पीढ़ी को गाँव की मिट्टी से कैसे जोड़े
यह पुस्तक पंकज कुमार ओझा (एयर वेटरन) द्वारा लिखित और 2026 में जेईसी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है। यह ग्रंथ उन प्रवासी परिवारों के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है जो महानगरों में आधुनिक जीवनशैली के बीच पल रही अपनी नई पीढ़ी को अपने पैतृक गाँवों, जड़ों और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना चाहते हैं। लेखक ने बिहार के बक्सर स्थित अपने गाँव 'बड़का सिंघनपुरा' के जीवंत प्रयोगों और 70 वर्षों के अनुभवों के आधार पर इसमें सरल उपाय साझा किए हैं। इसके तहत पारिवारिक दस्तावेजों व जमाबंदी को दुरुस्त करके कानूनी जड़ों को मजबूत करने, बच्चों को कहानियों, क्षेत्रीय भाषा (भोजपुरी), और डिजिटल माध्यमों के सकारात्मक प्रयोग से जोड़ने, तथा पौधों व सेवा कार्यों के जरिए मिट्टी से प्रत्यक्ष रूप से स्पर्श स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया है।
जड़ से जुड़ाव : नई पीढ़ी को गाँव की मिट्टी से कैसे जोड़े
यह पुस्तक पंकज कुमार ओझा (एयर वेटरन) द्वारा लिखित और 2026 में जेईसी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है। यह ग्रंथ उन प्रवासी परिवारों के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है जो महानगरों में आधुनिक जीवनशैली के बीच पल रही अपनी नई पीढ़ी को अपने पैतृक गाँवों, जड़ों और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना चाहते हैं। लेखक ने बिहार के बक्सर स्थित अपने गाँव 'बड़का सिंघनपुरा' के जीवंत प्रयोगों और 70 वर्षों के अनुभवों के आधार पर इसमें सरल उपाय साझा किए हैं। इसके तहत पारिवारिक दस्तावेजों व जमाबंदी को दुरुस्त करके कानूनी जड़ों को मजबूत करने, बच्चों को कहानियों, क्षेत्रीय भाषा (भोजपुरी), और डिजिटल माध्यमों के सकारात्मक प्रयोग से जोड़ने, तथा पौधों व सेवा कार्यों के जरिए मिट्टी से प्रत्यक्ष रूप से स्पर्श स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया है।
